Tuesday, May 28, 2019

रूसी लड़की के साथ वीडियो पर गिर गई ऑस्ट्रियाई सरकार

रूसी लड़की के साथ ऑस्ट्रियाई फ्रीडम पार्टी के नेता के लीक हुए वीडियो के बाद शुरू हुआ हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है.
इस स्कैंडल की वजह से ऑस्ट्रिया की मौजूदा सरकार गिर गई है. ऑस्ट्रियाई चांसलर सेबेस्टियन कुर्ज़ की विदाई हो गई है. संसद के विशेष सत्र में बुलाए गए अविश्वास प्रस्ताव में कुर्ज़ समर्थन हासिल नहीं कर पाए.
उनके पूर्व सहयोगी फ्रीडम पार्टी और विपक्षी दल सोशल डेमोक्रेट्स ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया था.
ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वेन डेर बेलन ने मौजूदा वाइस चांसलर हर्टविग लॉगर को अंतरिम नेता नियुक्त किया है.
दरअसल ये पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब जर्मन मीडिया में एक वीडियो पब्लिश हुआ था. यह वीडियो गुपचुप तरीके से 2017 में स्पेन के द्वीप इबिसा में रिकॉर्ड किया गया था. यह 2017 में देश के अंदर हुए चुनाव से पहले का वीडियो है.
जर्मन मीडिया में प्रसारित इस वीडियो के फुटेज में यह नजर आ रहा है कि फ्रीडम पार्टी के नेता और जर्मनी के मौजूदा सरकार में वाइस चांसलर रहे हेनिज़ क्रिश्चियन स्टार्के अपनी ही पार्टी के अहम नेता जोहान्ना गुडेनस के साथ बात कर हैं.
इस वीडियो में दोनों नेता एक रूसी महिला के साथ बैठे और ड्रिंक्स लेते भी देखे जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि ये महिला किसी रूसी बिजनेसमैन की भतीजी है.
जर्मन मीडिया में प्रसारित इस वीडियो के फुटेज में यह नजर आ रहा है कि फ्रीडम पार्टी के नेता और जर्मनी के मौजूदा सरकार में वाइस चांसलर रहे हेनिज़ क्रिश्चियन स्टार्के अपनी ही पार्टी के अहम नेता जोहान्ना गुडेनस के साथ बात कर हैं.
इस वीडियो में दोनों नेता एक रूसी महिला के साथ बैठे और ड्रिंक्स लेते भी देखे जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि ये महिला किसी रूसी बिजनेसमैन की भतीजी है.
ऑस्ट्रियाई पीपल्स पार्टी के प्रमुख सेबेस्टियन कुर्ज़, आस्ट्रिया के ऐसे पहले चांसलर बन गए हैं जिनकी सरकार अविश्वापस प्रस्ताव में गिर गई है. 2017 में वे महज 31 साल की उम्र में ऑस्ट्रिया के चासंलर बने.
संसद के अंदर विपक्षी दलों ने दो अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था- एक तो कुर्ज़ के ख़िलाफ़ था और दूसरा सरकार के ख़िलाफ़ और ये दोनों अविश्वास प्रस्ताव पास हो गए.
हालांकि यूरोपीय संघ के रविवार को हुए चुनाव में कुर्ज़ को करीब 35 प्रतिशत मत मिले थे लेकिन यह समर्थन सरकार बचाने के लिए नाकाफ़ी साबित हुआ.

Wednesday, May 15, 2019

विद्यासागर की मूर्ति टीएमसी के गुंडों ने तोड़ी: अमित शाह

कोलकाता में मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रैली के दौरान हुई हिंसा के लिए अमित शाह ने टीएमसी कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदार ठहराया है.
उन्होंने बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डरी हुई हैं. उन्होंने कहा कि 'ममता दीदी' ने उन पर एफ़आईआर कराई है और उनकी एफ़आईआर से बीजेपी कार्यकर्ता नहीं डरते, इस बार बीजेपी के पक्ष में और मज़बूती से मतदान होगा.
अमित शाह ने कहा, "चुनाव का अंतिम चरण आ चुका है लेकिन कहीं हिंसा नहीं हुई. ममता बनर्जी का आरोप है कि बीजेपी हिंसा कर रही है. उनकी पार्टी केवल 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि हम हर राज्य में चुनाव लड़ रहे हैं. अगर बीजेपी हिंसा करती तो हर राज्य में हिंसा हो रही होती."
उन्होंने कहा, "कल बीजेपी का रोड शो था और तीन घंटे पहले जो पोस्टर-बैनर लगाए थे उसे हटाए जाने का काम शुरू हुआ और पुलिस मूकदर्शक बनकर देखती रही. बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने शांति बनाई रखी. रोड शो शुरू हुआ तो उसमें बीजेपी को अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा था. इस दौरान तीन हमले हुए. तीसरे हमले में आगजनी, पथराव और पेट्रोल बम फेंकने की घटना हुई. इस तरह की अफ़वाहें थीं कि कॉलेज के बंदे आकर दंगा करेंगे लेकिन पुलिस ने पहले से कोई कार्रवाई नहीं की."
प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कुछ तस्वीरें दिखाईं. उन्होंने कहा कि उन्हें हिंसा के दौरान सीआरपीएफ़ के जवानों ने बचाया.
टीएमसी ने बीजेपी पर विद्यासागर कॉलेज में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाया है लेकिन अमित शाह ने एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता कॉलेज के बाहर खड़े थे और दरवाज़े बंद थे तो कार्यकर्ता अंदर जाकर कैसे मूर्ति तोड़ सकते हैं.
अमित शाह ने ट्रिब्यून अख़बार की तीसरी तस्वीर दिखाते हुए कहा कि विद्यासागर की प्रतिमा दो कमरों के अंदर थी तो कॉलेज बंद होते हुए कमरा किसने खोला, चाबी किसने दी, यह सारे सबूत बताते हैं कि विद्यासागर की प्रतिमा को टीएमसी के 'गुंडों' ने तोड़ा है.
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने अब तक पश्चिम बंगाल में 16 सभाएं की हैं और छह चरणों के मतदान के बाद यह पक्का हो चुका है कि बीजेपी चुनाव जीत रही है, इसी वजह से टीएमसी हिंसा कर रही है.
पश्चिम बंगाल में हिंसा पर अमित शाह ने चुनाव आयोग पर भी हमला किया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग मूकदर्शक बना बैठा है और हिस्ट्रीशीटर-गुंडों को हिरासत में नहीं लिया जा रहा है.
उन्होंने चुनाव आयोग पर बहुत बेबाकी से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल और बाकी देश के लिए अपने नियम अलग-अलग बनाए हैं.
अमित शाह ने कहा कि बीजेपी पश्चिम बंगाल की 42 में से 23 सीटें जीत रही है और इस हिंसा की जांच ममता बनर्जी कराना चाहें करा लें और इस घटना को 23 तारीख़ के बाद देख लिया जाएगा.